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Hanuman Beniwal New song

https://youtu.be/cWCIoBMdDqk
Hanuman Beniwal  

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" एक गौ (गाय) की कहानी"

' प्रेम के गहरे श्रणों में पशु भी मानव हो जाता है 'यह कहानी हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक जैनेन्द्र कुमार विचारधारा के स्तर पर जैन एंव गांधीवादी दर्शन सें प्रभावित और अनुप्रेरित रहें हैं|अहिंसा,सवोर्दय , दार्शनिक अनुभूति , मनोवैज्ञानिक विश्लेषण आपकी रचना दृष्टि के अभिन्न अंग हैं|औदात्य और गाम्भीर्य एंव भावप्रवणता और वैचारिकता का समन्वय आपके रचना -कर्म में हुआ है|कथा के स्तर पर वें मनोविज्ञान को आधार मानते हैं तथा इसी प्ष्ठ्भूमि में कथन का विकास करतेहैं|चरित्तप्रधानता,मन:स्थिति विश्लेषण, तर्कवादी यथार्थिक धरातल जैनेन्द्र की कहानीयों का प्रमुख आधार हैं| पत्नी ,जाह्रन्वी, एक गौ, एक कैदी, नीलमदेश की राजकन्या, अपना पराया, लाल सरोवर उनकी प्रमुख कहानियॉ हैं|कथ्य की द्ष्टि लें वे समकालीन युग को जीते हुए दृष्टिगत होते हैं, तथा उन्होंने पुराण और इतिहास सें भी कथ्य का चयन किया हैं|भाषा कें स्तर पर वें जनोन्मुख औऱ सरलता सें जुडे़ हुए मानव थैं|तर्क की कसौटी पर विचार और भाव का अनुठापन उनके जीवन - दर्शन को सार्थक रूप में अभिव्यक्त करता हैं |                 ...

सूरदास

कवि परिचय =>                      सूरदास हिंदी काव्य -जगत् के सूर्य माने जाते हैं! क्रष्ण -भक्ति की अजस्र धारा प्रवाहित करने में उनका विशेष योगदान है|उनके जीवन-व्रत्त के संबंध में विद्वानो में मतभेद हैं|अधिकतर विद्वान सूरदास का जन्म सन् 1483ई.(संवत् 1540 वि.)और निधन संवत् 1620 वि.मानते हैं|उनका जन्म दिल्ली के निकट सीही नामक ग्राम के एक निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हूआ | वें जन्मांध थे |उनका कंठ बजाय मधुर था |वे पद-रचना करके गाया करते थें|बाद में वे आगरा और मथुरा के बीच स्थित गऊघाट पर जाकर रहने लगे |वहीं श्री वल्लभाचार्य जी कें संपर्क में आए और पुष्टिमार्ग में दीक्षित हूए |उन्ही की प्रेरणा से सूरदास नें दास्य एवं दैन्य भाव कें पदो की रचना छोड़कर वात्सल्य, माधुर्य भाव और सख्य भाव के पदो की रचना करना आरंभ किया |पुष्टि मार्ग के  अष्टछाप भक्त कवियों में सूरदास अग्रगण्य थे |पुष्टि मार्ग में भगवान की क्रपा या अनुग्रह का अधिक महत्व हैं| इसें काव्य का विषय बनाकर सूरदास अमर हो गए |जब सूरदास का अंतिम समय निकट था तब श्री विट्ठलन...

भारत के प्रमुख स्थान

आदम का पूल =मन्नार प्रायव्दीप तथा धुनषकोडी को रेत तथा चट्टानों की रेखा से जोड़ने वाला पुल आदम का पूल कहलाता है| अडयार=यह तमिलनाडू़ मे चेन्नई(मद्रास)के पास स्थित है यहॉ थियोसोफिकल सोसाइटी का मुख्य कार्यालय है| पुणे=यह महाराष्ट्रा मे स्थित है आगा खॉं के महल के लिए प्रसिद्ध है|गॉधी तथा उनकी पत्नी कस्तुरबा जी को यहॉ नजरबंद रखा गया था| यही कस्तुरी जी की र्मत्यू हूई थी| आगरा=यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजस्थान तथा मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित है|यहॉ का प्रमूख उधोग चमडा़ है यह एक एेतिहासिक नगर भी है जहॉ अनेक पर्यटक घूमने आते है यहॉ देखने योग्य- ताजमहल ,एत्मातुध्दोला मोती मस्जिद ,सिकन्दरा आदि एेतिहासीक इमारतो के लिए प्रसिद है|  अमरनाथ = यह कश्मीर में 4054 मीटर की ऊँचाई पर पहलगाम सें 45 किलोमीटर दूर स्थित है, यह हिन्दूओ का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है| अम्बाला= यह हरियाणा राज्य में स्थित हैं,यहॉ वैज्ञानिक उपकरण ,कॉच का समान ,दरी आदि का निर्माण होता है| अम्रतसर=यह पजांब में उत्तरी-पश्चिमी सीमा पर स्थित है, यहॉ सिखो का प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर है, सन् 1919 मे जलियॉवाला बाग का...