श्री गुरु नानक देव जी ने जीवन के मूल सिद्धांत में मनुष्य को तीन काम प्रमुख रूप से करने के लिए कहा गया है| पहला ईश्वर का नाम जपना, दूसरा कमाई करना अौर तीसरा बांटकर खाना|
मानव के लिए सबसे पहला काम ईश्वर का नाम जपना जिसको अपना गुरु समझता है उसका नाम सपना क्योंकि गुरु ही के अनुसार इंसान को जन्म देना ही परमेश्वर के नाम का जाप करने के लिए है| ईश्वर के नाम का जाप से मन को शांति मिलती है| मन से अहम की भावना खत्म हो जाती है|
भौजी के अनुसार नाम का जाप नहीं करते उसका जन्म पर चला जाता है जिसे प्रभु कि हम रचना करतेहै उसे सदा याद रखना हमारा फर्ज है| गुरुजी के अनुसार प्रभु के नाम का जाप करना उतना ही जरूरी है जितना जीवित रहने के लिए सांस लेना तथा खाना खाना है|
दूसरा काम गुरुजी ने कहां है कीर्त करना मतलब, कमाई करना | प्रभु ने हमें जो परिवार दिया है उसका पालन करने के लिए हर इंसान को धन प्राप्ति के लिए कमाई करनी चाहिए | लेकिन ध्यान रखें कि जो कमाई कर रहे हैं गुरु जी का कहना है कि धन प्राप्ति के लिए हम कमाते हैं वह अपने हक की हो किसी और की कमाई आने पर आए हक को नहीं खाना चाहिए किसी जीवन को मार कर उसके जीने का अधिकार छीन लेना भी पराया पर हक माना जाता है इस कमाई को करते एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि इंसान का मुख्य काम नाम का जाप है कमाई को सिर्फ इंसान की जरूरत को पूरा करने के लिए |
तीसरा काम गुरुजी ने बताया है, कि वंड छकना मतलब बांट के खाना हर इंसान को अपनी कमाई में से कम से कम दसवां हिस्सा परोपकार के लिए जरूर देना चाहिए ,और ईश्वर ने इंसान को बहुत प्रकार की सुविधा की है उसमें से इंसान का फर्ज है कि वह भी तन मन धन से सेवा करें| पर सेवा करते समय उसके मन में किसी भी प्रकार का अहंकार ना करना
इस प्रकार श्री गुरु नानक देव जी ने मानव के जीवन के 3 सिद्धांत बताए , नाम जपना किर्त करना और बांटकर के छकना |अपने जीवन को सफल बनाने के लिए हमें श्री गुरु नानक देव के 3 सिद्धान्त हमेशा याद रखना चाहिए
श्री
मानव के लिए सबसे पहला काम ईश्वर का नाम जपना जिसको अपना गुरु समझता है उसका नाम सपना क्योंकि गुरु ही के अनुसार इंसान को जन्म देना ही परमेश्वर के नाम का जाप करने के लिए है| ईश्वर के नाम का जाप से मन को शांति मिलती है| मन से अहम की भावना खत्म हो जाती है|
भौजी के अनुसार नाम का जाप नहीं करते उसका जन्म पर चला जाता है जिसे प्रभु कि हम रचना करतेहै उसे सदा याद रखना हमारा फर्ज है| गुरुजी के अनुसार प्रभु के नाम का जाप करना उतना ही जरूरी है जितना जीवित रहने के लिए सांस लेना तथा खाना खाना है|
दूसरा काम गुरुजी ने कहां है कीर्त करना मतलब, कमाई करना | प्रभु ने हमें जो परिवार दिया है उसका पालन करने के लिए हर इंसान को धन प्राप्ति के लिए कमाई करनी चाहिए | लेकिन ध्यान रखें कि जो कमाई कर रहे हैं गुरु जी का कहना है कि धन प्राप्ति के लिए हम कमाते हैं वह अपने हक की हो किसी और की कमाई आने पर आए हक को नहीं खाना चाहिए किसी जीवन को मार कर उसके जीने का अधिकार छीन लेना भी पराया पर हक माना जाता है इस कमाई को करते एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि इंसान का मुख्य काम नाम का जाप है कमाई को सिर्फ इंसान की जरूरत को पूरा करने के लिए |
तीसरा काम गुरुजी ने बताया है, कि वंड छकना मतलब बांट के खाना हर इंसान को अपनी कमाई में से कम से कम दसवां हिस्सा परोपकार के लिए जरूर देना चाहिए ,और ईश्वर ने इंसान को बहुत प्रकार की सुविधा की है उसमें से इंसान का फर्ज है कि वह भी तन मन धन से सेवा करें| पर सेवा करते समय उसके मन में किसी भी प्रकार का अहंकार ना करना
इस प्रकार श्री गुरु नानक देव जी ने मानव के जीवन के 3 सिद्धांत बताए , नाम जपना किर्त करना और बांटकर के छकना |अपने जीवन को सफल बनाने के लिए हमें श्री गुरु नानक देव के 3 सिद्धान्त हमेशा याद रखना चाहिए
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